बदरीनाथ-केदारनाथ चार धाम के बाद मद्महेश्वर और तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तारीख का ऐलान

बदरीनाथ-केदारनाथ, गंगोत्री सहित चारों धामों के कपाट बंद होने की तारीख का ऐलान हो चुक है। इसके बाद द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर और तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट बन्द होने की तारीख विजयदशमी पर्व पर शीतकालीन गद्दी स्थलों में तय की गई। द्वितीय केदार मद्महेश्वर के मंदिर के कपाट 22 नवम्बर और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट 1 नवम्बर को बंद कर दिए जाएंगे।

ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में मद्महेश्वर व मक्कूमठ स्थित मार्कण्डेय मंदिर में तुंगनाथ धाम के कपाट बंद करने की तिथि तय की गई। श्री मद्महेश्वर के कपाट 22 नवम्बर को प्राप्त आठ बजे वृश्चिक लगन में शीतकाल के लिए बन्द किये जाएंगे। जिसके बाद भगवान की चल विग्रह उत्सव डोली कूनचट्टी, मैखम्बा, नानौ, खटारा, बनातोली होकर गौण्डार पहुंचेगी।

23 को गौण्डार से राकेश्वरी मन्दिर रांसी और 24को उनियाणा, राऊलैंक, मनसूना होते हुए गिरीया गांव पहुंचेगी। 25 नवम्बर को विभिन्न यात्रा पड़ावों से होते हुए डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मन्दिर में विराजमान होगी। यहां पर 24 से 26 तक त्रिदिवसीय मद्महेश्वर मेले का भव्य आयोजन किया जाएगा। तुंगनाथ के कपाट आगामी 1 नवम्बर को 11 बजे धनु लग्न में बन्द किए जाएंगे।

भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली प्रथम रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंचेगी। 2 नवम्बर को बनियाकुण्ड, दुगलविट्टा, मक्कूबैण्ड, बनतोली हुए भनकुण्ड पहुंचेगी तथा 3 नवम्बर को शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान होगी। इस मौके पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण, प्रधान पुजारी शिव शंकर लिंग थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *