पिछले कुछ समय से पौड़ी जिले के कई क्षेत्रों में बाघ और गुलदार का आतंक है। कई बार प्रशासन गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल भी बंद कर चुका है। हालत यह है कि गुलदार आबादी में घूमता दिखाई दे रहा है। लोगों ने सुबह और शाम के समय घूमना तक बंद कर दिया है। बाघ और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए हैं। उत्तरकाशी के मोरी में भालू के आतंक ने सेब बागवानों का जीना दूभर कर दिया है। उधर, टिहरी में बंदर उत्पात मचा रहे हैं।
पौड़ी के मोछण में ट्रैपिंग कैमरे में कैद हुआ बाघ
पौड़ी के नैनीडांडा के बैडहाट मोछण में बाघ वन विभाग के ट्रैपिंग कैमरे में कैद हो गया। साथ ही विभागीय जांच में ये भी पता चला है कि नैनीडांडा भैड़गांव में जिस बाघ ने बीती 15 अप्रैल को हमला कर एक व्यक्ति को मार दिया था ये वहीं बाघ है। बाघ बीती 3 अक्तूबर को बैडहाट मोछण में जंगल में घास लेनी गई महिला को भी मार दिया था।
तब से नैनीडांडा के मोछण में विभागीय टीम सहित ट्रैक्यूलाइज टीम ने भी यहां डेरा डाला हुआ है। लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ स्वनिल अनिरुद्ध ने बताया कि बाघ के यहां फूट प्रिंट मिले हैं। अब ट्रैपिंग कैमरे में कैद हुआ बाघ वही जिसने 15 अ्प्रैल को भैडगांव में भी हमला किया था।
कर्णप्रयाग में मंगलवार शाम को चौरासैन क्षेत्र के जखेट गांव का एक ग्रामीण भालू के हमले में घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए उपजिला अस्पताल कर्णप्रयाग में भर्ती किया गया है। जखेट गांव के कुंवर सिंह ने बताया कि उनका भाई दिनेश सिंह उम्र 38 वर्ष मंगलवार शाम करीब 5 बजे मवेशी लेने जंगल गया था।
इस दौरान घात लगाए भालू ने हमला कर दिया किसी तरह हो हल्ला करने पर भालू दिनेश को छोड़ भागा। ग्रामीणों कि मदद से दिनेश को उपचार के लिए कर्णप्रयाग में भर्ती किया गया है । कुंवर सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने वन विभाग से घायल को मुआवजा एवं भालू के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
श्रीनगर में ही बुघाणी मार्ग पर मंगलवार सुबह एक आवासीय घर के आंगन की गैलरी में गुलदार के घुसने की सूचना पर हड़कंप मच गया। वन विभाग की टीम मौके पर जाल व अन्य सामान लेकर पहुंची, लेकिन वह तब तक भाग गया। फोटो देखने पर वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वह गुलदार नहीं बल्कि लैपर्ड कैट(जंगली बिल्ली) थी।
वहीं तिवाड़ी मोहल्ला में मंगलवार को गुलदार की धमक की सूचना होने से लोग डरे हुए हैं। दूसरी ओर चौरास क्षेत्र के गोरसाली में भी एक गुलदार सीसीटीवी कैमरे में नजर आया है। जिससे लोगों में दहशत बनी हुई है। श्रीनगर और चौरास क्षेत्र में गुलदार का आतंक बना हुआ है।
गत 12 अक्तूबर को गोरसाली के समीप गुलदार ने एक महिला को मार डाला था। जिससे क्षेत्र में तीन दिनों तक स्कूल भी बंद रहे।
मोरी में भालुओं के आतंक से बागवान परेशान
उत्तरकाशी जिले के मोरी तहसील के गोविंद वन्य जीव पशु विहार राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र के जखोल गांव में एक सप्ताह से भालुओं ने आतंक मचा रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि भालू सेब के बगीचों के साथ-साथ राजमा, चौलाई, फाफरा आदि नगदी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
पार्क क्षेत्र के जखोल गांव के शरूका, पुरमा, कनूड़ा, आदी तोक में इन दिनों भालूओं का आतंक है। काश्तकार किशन रावत, कमल रावत, राजेन्द्र सिंह नरेंद्र रावत, जोत सिंह रावत, भगवान सिंह रावत, जगवीर रावत आदि ने बताया कि पहले तो सेब सीजन में भालुओं ने खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया और अब खाली पेड़ों को चीर फाड़ रहा है।
जिसकी शिकायत उन्होंने पार्क प्रशासन के कर्मियों को कई बार की है। वहीं पूर्व ग्राम प्रधान सूरज रावत ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से भालू के आतंक से लोग अपने दैनिक कार्यों में समय से नहीं पहुंच पा रहें हैं। पूर्व प्रधान ने भालू से बागीचों को हो रहे नुकसान के रोकने के उपायों की मांग के साथ मुआवजे की मांग रखी।
बंदरों से लोग परेशान
नई टिहरी उद्योग व्यापार मंडल की नई टिहरी इकाई के अध्यक्ष ज्योति प्रसाद डोभाल ने प्रभागीय वनाधिकारी को पत्र लिखकर बंदरों के आतंक से शहरवासियों को मुक्ति दिलाने की मांग की है।
क्षेत्र में नुकसान के आंकलन के लिए अनुभाग अधिकारी को निर्देशित कर दिया गया है। रिपोर्ट आने पर नगदी फसलों का मुआवजा दिया जायेगा।



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