उत्तराखंड में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ इनके शिकार के मामले भी बढ़ रहे हैं। वन विभाग हमेशा से इस तथ्य को झुठलाता रहा है, लेकिन बीते दो माह में एसटीएफ और खुद वन विभाग की संयुक्त टीम ने सात तस्करों को गिरफ्तार करते हुए उनसे बाघ की तीन खालें बरामद की हैं। इसके साथ ही 50 किलो हड्डियां भी बरामद हुई हैं। सवाल यह है कि जब प्रदेश में बाघों का कहीं शिकार नहीं हो रहा, तब यह खालें कहां से आ रही हैं। जुलाई माह में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की ओर से जारी वर्ष 2022 के बाघों की गणना के आंकड़ों में 560 बाघों की संख्या के साथ उत्तराखंड को तीसरा स्थान मिला है।
कुमाऊं क्षेत्र में पकड़ी गई बाघों की तीनों खाल
बाघों के शिकार के मामले कमाऊं में ज्यादा आ रहे हैं। एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने 23 जुलाई को यहां 11 फीट लंबी बाघ की खाल के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया था। दूसरा मामला कुमाऊं में ही सात सितंबर को सामने आया। एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने दो बाघों की खाल बरामद की है।लगाम लगाने की तैयारी