नाबालिग दिव्यांग छात्राओं से यौन शोषण में खुले कई चौंकाने वाले राज, पुलिस के भी उड़े होश

उत्तराखंड के इस शहर में दिव्यांग छात्राओं के साथ यौन शोषण मामले ने सबको हैरान कर दिया था। यौन शोषण से जुड़ी इस मामले में पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आ रहे हैं उनको जानकर पुलिस भी हैरान दंग रह गई है। यह पूरा मामला नैनीताल जिले में सामने आया था।

काठगोदाम थाना क्षेत्र स्थित मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित छात्राओं की आवासीय संस्था में पुलिस ने छात्र-छात्राओं के बयान लेने शुरू कर दिए हैं। बच्चों से पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि संस्था का संचालक श्याम सिंह धानक (62) निवासी दमुवाढूंगा बंदोबस्ती इसी परिसर में बने गोदाम में ले जाकर बच्चों के साथ अश्लील हरकत करता था।

इसी गोदाम में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, इसके अलावा सभी जगहों पर कैमरे लगे हैं। आरोपी ने बचने के लिए पूरी व्यवस्था कर रखी थी। लेकिन पुलिस को मिले एक गुप्त पत्र ने आरोपी संचालक की काली करतूत की पोल खोल दी। बताया जा रहा है कि बीते डेढ़ महीने से पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही थी। इस मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस ने कई अहम साक्ष्य भी जुटाए हैं।

संस्था के स्टॉफ को कैसे पता नहीं चला?

इस संस्था में शिक्षक-शिक्षिकाएं समेत कई कर्मचारी काम करते हैं। यहां पर बच्चियों का यौन शोषण होता रहा, लेकिन स्टॉफ चुप रहा। यह जांच में बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। अगर आरोपी, बच्चों को संस्था के गोदाम में ले जाकर अश्लील हरकतें करता था, तो किसी न किसी स्टॉफ ने तो कभी देखा होगा। लेकिन किसी ने आवाज नहीं उठाई।

धमकी, मारपीट की वजह से चुप रहते थे बच्चे
मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित बच्चों की आवासीय संस्था के संचालक धानक के आगे किसी का मुंह नहीं खुलता था। इसी कारण वह इसका पूरा फायदा उठाता रहा। मासूम के साथ यौन शोषण करने के बाद मारपीट करता था, किसी को बताने पर धमकियां भी देता था। इसी कारण बच्चे मुंह नहीं खोल पाए थे।

अच्छे खाने के लिए चुकाने होंगे रुपये

जेल सूत्रों के अनुसार जेल में एक सरकारी मैस है, जहां पर कैदियों के लिए खाना बनता है। इसके अलावा एक कैंटीन खोली गई है, जहां पैसे देखकर खाना मिलता है। यहां पर कैदियों के कार्ड बने हैं, जिसमें उनके परिजन पैसे डालते हैं। इसी तरह अगर धानक के परिजन भी पैसे जमा करेंगे तो वह भी कैंटीन का खाना खा सकता है।

मिलाई के लिए पहुंचे थे धानक के परिजन 
परिजन जेल सूत्रों से पता चला कि रविवार को धानक के परिजन मिलने के लिए आए थे। यहां हालचाल जानने के बाद चले गए। परिजन धानक की ऐसी स्थिति को देखकर परेशान दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि धानक यहां पर खुद को बेगुनाह बता रहा है और साजिश के तहत फंसाने की बात कह रहा है।

धानक की खिदमत को आ रहे बड़े-बड़ों के फोन

दिव्यांग बच्ची के यौन-शोषण के आरोप में हल्द्वानी जेल में बंद श्याम सिंह धानक की देखरेख से लेकर मिलाई कराने तक के लिए बड़े-बड़े नेता व मंत्रियों की सिफारिश आने लगी है। बीते शनिवार को जेल में जाने के बाद से रविवार सुबह तक नेता जेल का फोन खनखनाते रहे।

हालांकि जेल प्रशासन पर इसका असर होता नहीं दिखाई दिया। धानक ने शनिवार रात जेल में कैदियों के साथ काटी, वही खाना खाया जो अन्य कैदियों को दिया गया था। जेल सूत्रों की मानें तो जेल में धानक का व्यवहार भी शांत रहा। हालांकि जेल में आने के बाद चेहरे पर बेचैनी भी दिखी।

पुलिस की टीम मामले की जांच में लगी हुई है। अगर आरोपों को छिपाने में किसी ने आरोपी का साथ दिया होगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

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