दिव्यांग नाबालिग छात्राओं का यौन शोषण के बाद टूटा भरोसा…पुलिस की गिरफ्त से संस्थान संचालक फरार

उत्तराखंड के इस शहर में दिव्यांग नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण मामले का खुलासा होने के बाद लोगों के होश उड़ गए थे। पूरे मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस भी दंग रह गई थी। हालांकि, पुलिस की छापेमारी की कार्रवाई में संस्थान संचालक की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन आरोपी संचालक अभी भी फरार है।

पुलिस ने फरार आरोपी को पकड़ने के लिए कई जगह दबिश दी, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। इसी के बीच, मूक बधिर एवं दृष्टिबाधित बच्चों की आवासीय संस्था में यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद लोगों का भरोसा संस्था से उठने लगा है। यह पूरा घिनौना मामाल नैनीताल जिले के काठगोदाम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आया था।

क्षेत्र स्थित मूक बधिर एवं दृष्टिबाधित बच्चों की आवासीय संस्था में यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद लोगों का भरोसा संस्था से उठने लगा है। एक-एक कर परिजन बच्चों को यहां से ले जा रहे हैं। दो और छात्रों को परिजन यहां से ले गए हैं। अब तक तीन छात्राओं सहित पांच बच्चे संस्था को छोड़ चुके हैं।

बताया जा रहा है कि बच्चों के जाने की सूचना पर अन्य परिजन भी संस्था के पदाधिकारियों को फोन कर रहे हैं। पदाधिकारियों की ओर से सभी अभिभावकों को पढ़ाई पूर्व की तरह ही सुचारु रखने की बात कही जा रही है। उन्हें समझाते हुए कहा जा रहा है कि इस घटना से किसी भी बच्चे की पढ़ाई पर असर नहीं पड़ने दिया जाएगा।

संस्था की अध्यक्ष सविता लाहोटी का कहना है कि दो बच्चियां यह घटनाक्रम सामने आने से पहले ही स्वेच्छा से चली गई थीं। एक बच्ची को पुलिस ने नारी निकेतन में रखा है। दो छात्र भी स्वेच्छा से गए हैं। स्कूल से ही पीड़िता को भेज दिया था नारी निकेतन: संस्था के संचालक श्याम सिंह धानक (62) पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा को नारी निकेतन में रखा गया है।

11 अक्तूबर को मुकदमा दर्ज होने के बाद 12 अक्तूबर को पुलिस स्कूल में पढ़ने आई छात्रा को वहीं से अपने साथ ले गई थी। इसके दूसरे ही दिन धानक को गिरफ्तार कर लिया गया था। अध्यक्ष सविता लाहोटी ने बताया कि जब बच्ची वापस नहीं आई तो धानक ने ही उन्हें फोन कर मामले की जानकारी दी थी।

छोड़ने वाली बच्चियों से बात करेगी संस्था
संस्था की अध्यक्ष ने बताया कि दो बच्चियां घटना से पहले ही यहां से जा चुकी थीं। बेवजह उनका नाम इस घटनाक्रम से जोड़ा जा रहा है। संस्था इसकी सच्चाई पता लगाने के लिए बच्ची और उनके परिजनों से बात करने की कोशिश करेगी। संस्था की अध्यक्ष का दावा है कि पीड़ित बच्ची संस्था में वापस आना चाहती है।

किच्छा में मदरसा संचालक की तलाश में पुलिस ने दी दबिश

सिरौली में अवैध रूप से संचालित मदरसे के संचालक को पकड़ने को पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। रविवार को पुलभट्टा पुलिस को बाहरी संदिग्धों और मदरसों के सत्यापन के दौरान चार बीघा वार्ड-18 सिरोली कलां स्थित जामिया नगमा खातमा मदरसा अवैध रूप से चलता मिला था।

जांच के दौरान मदरसे में 22 बच्चियां और दो बच्चे अंधेरे कमरे में सहमे मिले थे, जिनकी आयु पांच वर्ष से 17 वर्ष के बीच थी। बच्चियों ने बताया पढ़ाई के नाम पर अंधेरे कमरे में बंदकर उनसे खाना बनवाने के साथ बर्तन भी धुलवाए जाते हैं। मदरसा संचालक पर शोषण का आरोप लगाया था।

पुलभट्टा पुलिस ने वहां मौजूद पीलीभीत के हरेरपुर हसन निवासी महिला खातून बेगम पत्नी इरशाद को गिरफ्तार कर लिया था। उसका पति इरशाद पकड़ से फरार है। पुलभट्टा थानाध्यक्ष कमलेश भट्ट ने बताया कि आरोपी को पकड़ने को चार टीमें बनाई हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

20 की बैठक में व्यवस्थाओं पर चर्चा
सविता लाहोटी ने बताया कि 20 अक्तूबर को प्रशासन द्वारा गठित कमेटी के साथ होने वाली बैठक में यहां की व्यवस्थाओं पर चर्चा की जाएगी। धानक को महासचिव पद से हटाने जैसी कोई बात नहीं है। जब तक अदालत धानक को दोषी करार नहीं देती, उन्हें नहीं हटाया जाएगा।

हमारे बच्चे डॉक्टर, शिक्षक भी बने: अध्यक्ष
संस्था अध्यक्ष ने बताया हमारे संस्थान से बच्चे डॉक्टर, शिक्षक भी बने हैं। रेलवे और बैंक में भी नौकरी पाई है। वर्तमान में भी छह बच्चे मुम्बई में पढ़ाई कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *