उत्तराखंड में शिखर पर डेंगू, सिस्टम पर भारी पड़ रहा एडीज मच्छर; अब तक सामने आ चुके 3,167 केस

 तीन वर्ष पहले जब कोरोना वायरस ने दस्तक दी, तब डेंगू के लिहाज से उत्तराखंड राहत में रहा। इसका कारण रहा कोरोना के निमित्त अत्याधिक कीटनाशक का छिड़काव। जिसकी वजह से डेंगू फैलाने वाले मच्छर का लार्वा नहीं पनप पाया लेकिन इस साल एडीज मच्छर फिर सिस्टम पर भारी पड़ रहा है। एक बार फिर डेंगू शिखर पर और व्यवस्था रसातल में है।

अब तक 16 की हो चुकी मौत

इस सीजन में अब तक राज्य में डेंगू के 3,167 मामले मिल चुके हैं। इनमें से 2,873 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में डेंगू के 278 मामले सक्रिय हैं। डेंगू से अब तक 16 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। यह पांच साल में डेंगू से हुई सर्वाधिक मौत हैं। इनमें 13 मरीजों की मौत देहरादून और तीन की नैनीताल जनपद में हुई है। देहरादून और पौड़ी डेंगू से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं।

रविवार को आए 59 नए मामले

रविवार को 59 नए मामले रविवार को प्रदेश के छह जिलों में डेंगू के 59 नए मरीज मिले। पौड़ी और बागेश्वर में सबसे अधिक 17-17 लोग डेंगू की चपेट में आए हैं। इसके अलावा नैनीताल में 11, देहरादून में छह, हरिद्वार में पांच और ऊधमसिंह नगर में तीन लोगों को डेंगू का डंक लगा है। राहत यह कि पिछले दिनों की तरह रविवार को भी डेंगू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई।

प्रदेश में वर्षवार डेंगू के मरीज

वर्ष – मरीज

2018 – 591

2019 – 10 62

2020 – 76

2021 – 738

2022- 2,337

2023 अब तक – 3,167

इस वर्ष जिलावार डेंगू के मरीज

जिला – मरीज

देहरादून -1,037

पौड़ी – 775

हरिद्वार – 63

नैनीताल – 62

चमोली – 68

चंपावत – 49

बागेश्वर – 40

रुद्रप्रयाग – 28

टिहरी – 25

ऊधमसिंह नगर – 20

अल्मोड़ा – 10

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